ना जाने कितनी बार तुम्हारा दिल दुखाया होगा,
ना जाने कैसी-कैसी बातों से तुम्हे सताया होगा,
मेरी किसी शरारत पर जब तुमने मार लगाई होगी,
मुझे यकीं है तुन्हारी भी आँखें भर आई होगी |
ऊँगली थमा मुझे जब चलना सिखाया होगा,
ना जाने किन-किन ठोकरों से मुझे बचाया होगा,
मेरे बस्ते में किताबे रख जब 'स्कूल' में छोड़ा होगा,
मुझे यकीं है तुमने अपने दिल को मुश्किल से रोका होगा |
खाने-पीने के मेरे नखरे पर जब मुझे समझाया होगा,
ना जाने किस-किस लालच से मुझे रिझाया होगा |
मेरे बड़े हो जाने पर जब मुझे 'कॉलेज' में भेजी होगी,
मुझे यकीं है तुमको लाखों चिंता घेरी होगी |
कम 'नंबर' लाने पर जब डांट लगाई होगी,
ना जाने क्या-क्या फिक्रें तुम्हारे मन में आई होगी,
मेरी शादी करवाई जब तुम कितना रोई होगी,
मुझे यकीं है ख़ुशी तुम्हारी मुझसे दुगुनी होगी |
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मुझे तेरे दर्द और प्रेम का एहसास तब हुआ,
मुझमें नए जीवन का संचार जब हुआ,
अब मैं तुमसे और भी प्यार करने लगी हूँ,
माँ!!!
"मैं आज माँ बनी हूँ" |
----------------कोमल--------------
13 टिप्पणियां:
excellent sir jee
very touching ....
it reminds me tat watever we r 2day its because of our mothers...
its a eye opener expressed in simple words n rooted deep in hearts
wowh..loved tht..its d lovliest poem on ur blog..dunno hw u brought tht empathy..its so deep..lykd each word..hats off 2 u sir..
Thankyou so much Niyati and Deepika...
Ur comments are my source of confidence and inspiration!!!
simply surperb bro......
this one is new to me....bt loved it.... especially liked the last few lines....beautiful....
carry on..
cheers......
Really heart touching!! Hatts off to u n to ur imagination being empathatic
Thanks my Friends!!!
This is smthing which can make anyone feel emotional.....this is too good yaar....
Divya and I both like it too much...v both wish u all the luck and jus keep up the good work goin..........
Thankyou So Much Ashish....chal tujhe mera likha kuch to achcha laga...:)
aapki is kavita ko padh kar mughe sabse pahale ye laga ki kya ek male person bhi ak female ke un ahsash ko feel kar sakta hai jo shayad main samaghti thi ki yaishi feelings to shirf ek female, ek maa hi samagh sakti hai . so nice and dil ki gahraiyon ko chhune wali hai aapki ahsaas
Geeta Madam....Thanks a lot... Shayad thodi der ho gayi :)Thanks again.
jiju hame pata nahi tha aap itni achi kavita likhte ho vrna autogrph jaruru leti so nice word
Thanks for your such beautiful words, Ranju :)
baaki bhi padhiyega...
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